रविवार की कविता
रविवार की कविता, बिजूका, कवयित्री: मालिनी गौतम
जीवन और मृत्यु के चक्र में फँसें हम सब भटक रहे हैं यहाँ से वहाँ अपनी-अपनी इच्छाओं और लालसाओं का जनाजा उठाये... मद, लोभ,…
Sachin Yadav
जीवन और मृत्यु के चक्र में फँसें हम सब भटक रहे हैं यहाँ से वहाँ अपनी-अपनी इच्छाओं और लालसाओं का जनाजा उठाये... मद, लोभ,…