Episode 1 : चंदा मांगकर नीलामी में खरीदा था स्‍कूल, ऐसे थे यूपी के पहले सीएम

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पंत जी का राजनीतिक जीवन साल 1937 में शुरु हुआ। पंत जी स्वतंत्र भारत के उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे।  उन्होंने 1946 से लेकर 1954 तक मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए पंत जी ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए थे। जमींदारी उन्मूलन कानून को प्रभावी बनाने में गोविंद वल्लभ पंत का अहम योगदान रहा। इसके अलावा पंत जी ने हिंदू विवाह कानून बदलने की पैरवी की। हिंदू व्यक्ित कानूनन सिर्फ एक ही स्त्री से शादी कर सकता है, पंत जी इसके पक्षधर थे। साथ ही हिंदू महिला के तलाक देने के अधिकार को लेकर पंत जी का समर्थन हमेशा रहा।


गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितम्बर, 1887 ई. वर्तमान उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले के खूंट नामक गांव में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनकी माता का नाम गोविंदी था जबकि पिता मनोरथ पंत थे। इस परिवार का संबंध कुमाऊं की एक अत्यन्त प्राचीन और सम्मानित परम्परा से है। गोविंद बल्लभ पंत ने 1905 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया और 1909 में उन्होंने कानून की परीक्षा उत्तीर्ण की और वकालत करने लगे। काकोरी मुकद्दमे ने एक वकील के तौर पर उन्हें पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई। पंत ने साल 1916 में कलावती से शादी की। जिनसे उन्हें एक बेटा (कृष्ण चंद्र पंत) हुआ जो बाद में राजनेता बना। इसके अलावा उनकी दो बेटियां भी थीं लक्ष्मी और पुष्पा।



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