जमीनी रंजिश में बुजुर्गों को जान से करने की धमकी दे रहे हैं पड़ोसी

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संदीप चौरसिया

गोरखपुर/खजनी। खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम पलहीपार बाबू में बुजुर्गों और महिलाओं को जान से मारने, उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी और घर पर नहीं रहने पर सीसीटीवी कैमरे का तार काटने समेत एक मामला प्रकाश में आया है। यह मामला 7 फरवरी 2026 के दिन से जुड़ा है। दरसल, ग्राम सभा पलहीपार बाबू में राम प्रसाद पुत्र मिश्री ने अपने पड़ोस में हाल के कुछ महीनों में एक जमीन खरीदा था इस जमीन को खरीदने की लालसा लगभग 25 वर्ष से पड़ोस में रहने वाले शिव प्रसाद पुत्र मिश्री की थी लेकिन राम प्रसाद और जमीन को बेचने वाले भगत जी के परिवार से कुछ वर्षों में अच्छे संबंध बन गए और रामप्रसाद ने जमीन की अधिक कीमत देकर जमीन को खरीद लिया। जिससे शिव प्रसाद और उनके परिवार के लोग राम प्रसाद से नाराज हो गए और राम प्रसाद के परिवार से जमीन को लेकर रंजिश करने पर उतारू हो गए। शिवप्रसाद और उसके पुत्र केदारनाथ आए दिन राम प्रसाद के घर पर चढ़कर गाली-गलौज, धमकी देना और जमीन उनको जबरन बेचने की दबाव बनाने लगे। यह सिलसिला करीब तीन महीने से चल रहा था राम प्रसाद जिनकी उम्र 75 वर्ष से ज्यादा है उनकी पत्नी की भी उम्र लगभग इतनी ही बताई जा रही है।


 जिनकी एक बहू है जिसकी उम्र लगभग 55 वर्ष बताया गया है। वहीं राम रामप्रसाद के पोते दीपक भी बुजुर्गों की देखरेख में घर पर ही रहता है और पढ़ाई करता है। राम प्रसाद का परिवार शिव प्रसाद और इसके बेटे केदार और इसके सहयोगी कृष्णा, संतोष द्वारा आए दिन गाली-गलौज से तंग चुका था। लेकिन यह मामला तब बिगड़ गया, जब शिव प्रसाद, केदारनाथ और इसके सहयोगी कृष्णा, संतोष व अन्य द्वारा राम प्रसाद के घर को 3 फरवरी 2026 को घेर लिया गया। काफी समझाने के बाद यह लोग धमकी देकर घर से चले गए। यह पूरी घटना राम प्रसाद के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो चुकी है।


 आरोप है कि 7 फरवरी 2026 को रामप्रसाद का पोते दीपक परीक्षा देकर आ रहा था रास्ते में पकड़ कर पहले दीपक को इन लोगों ने मारा-पीटा और उसे झगड़ा करने के लिए उकसाया। दीपक के घर पहुंचने पर कृष्णा ने उसे गंदी गाली दी। जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर पाया और यह मामला मार-पीट में बदल गया। पुलिस ने इस मामले में रामप्रसाद के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इन सभी लोगों ने जिला कोर्ट गोरखपुर से जमानत करा लिया। लेकिन पहले दृष्टि में यह मामला राम प्रसाद के सदस्यों को उकसाने जैसा प्रतीत होता है और उन्हें जबरन केस में फंसाने की साजिश की गई। 7 फरवरी 2026 से यह परिवार घर से गायब था लेकिन जमानत कराने के बाद राम प्रसाद का परिवार 18 मार्च 2026 को अपने घर गया। जहां पहुंचते ही शिव प्रसाद, राम बच्चन, संतोष ने राम प्रसाद के परिवार को जान से मारने, झूठे केस में फंसाने और बर्बाद करने की धमकी देकर चले गए। राम प्रसाद और उनकी पत्नी की उम्र देखें तो, मारपीट करना तो दूर बुढ़ापे के कारण चलने में भी असमर्थ हैं। फिर भी दबंग इन्हें जान-माल का नुकसान करने की धमकी दे रहे हैं।


घर पहुंचने पर मीडिया के सामने राम प्रसाद ने बताया कि मेरे परिवार के साथ किसी भी प्रकार की घटना होती है तो मेरे पड़ोसी ही जिम्मेदार होंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि घटना के दो दिन बाद राम प्रसाद के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे को दबंगों ने काट दिया था। जिसे प्रतीत होता है कि दबंग काफी मनबढ़ हैं। अपराध हिस्ट्री से पता चला है कि केदार नाथ, कृष्णा, संतोष और रामवचन पर गंभीर धाराओं में खजनी थाने में मामले भी दर्ज हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि आरोपी पहले भी कई अपराध कर चुके हैं। 


जिन पर पुलिस द्वारा नकेल कसना जरूरी हो गया है। पीड़ित रामप्रसाद ने बताया कि मुझे और मेरे परिवार के सदस्यों को इन दबंगों से खतरा है। वहीं पुलिस के अधिकारियों ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि सजा देना न्यायालय का काम है। लेकिन कानून को कोई हाथ में लेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा करना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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