बच्चों की तरह बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए भी मिल सकता है अवकाश, बजट सत्र में लाया जा सकता है विधेयक

Sachin Yadav

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देश में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या के साथ ही उनकी देखभाल का भी एक बड़ा संकट खड़ा होने लगा है। खासकर ऐसे परिवार और बुजुर्ग, जिनकी इकलौती संतान होती है, वहां यह संकट और भी गंभीर हो जाता है। फिलहाल, बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थाई समिति ने बच्चों की देखभाल (चाइल्ड केयर) सहित दूसरे पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन के लिए दिए जाने वाले अवकाशों की तरह सरकारी कर्मचारियों को बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए भी अवकाश देने की सिफारिश की है।इनमें ऐसे सरकारी कर्मियों को प्राथमिकता देने को कहा गया है, जिनके माता-पिता 80 वर्ष से ज्यादा के हैं या फिर वह दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार हैं। साथ ही, वह अपने माता- पिता की इकलौती संतान है। समिति ने इसके अलावा भी कई अहम सिफारिशें की है।