नई दिल्ली, 27 मार्च 2025: भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards - BIS) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले घटिया और गैर-मानक उत्पादों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में 19 मार्च को दिल्ली के मोहन कोऑपरेटिव इंडस्ट्रियल एरिया स्थित अमेज़न सेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम पर छापा मारा गया। इस दौरान 15 घंटे से अधिक चले अभियान में 3,500 से अधिक उत्पाद जब्त किए गए, जिनमें कई बिना आईएसआई (ISI) मार्क के थे, जबकि कुछ पर फर्जी आईएसआई मार्क लगा हुआ था। जब्त किए गए गीजर, फूड मिक्सर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कुल कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है।
फ्लिपकार्ट के गोदाम पर भी छापा, 590 खेल जूते जब्त
एक अन्य छापेमारी के दौरान त्रिनगर, दिल्ली स्थित फ्लिपकार्ट की सहायक कंपनी इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम से करीब 590 खेल जूते (स्पोर्ट्स फुटवियर) जब्त किए गए। ये जूते बिना आवश्यक आईएसआई मार्क और निर्माण तिथि के पैक किए गए थे। इन उत्पादों की कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है।
देशभर में जारी है BIS की सख्त कार्रवाई
बीआईएस की टीम ने बीते एक महीने में दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, लखनऊ और श्रीपेरंबुदूर सहित कई शहरों में छापेमारी कर गैर-मानक उत्पाद जब्त किए हैं। यह अभियान उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए चलाया जा रहा है।
कड़े कानून और दंड के प्रावधान
वर्तमान में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और नियामकों द्वारा 769 उत्पादों को अनिवार्य प्रमाणन सूची में शामिल किया गया है। इन उत्पादों को बिना वैध लाइसेंस या BIS प्रमाण पत्र (Certificate of Compliance - CoC) के बेचना, वितरित करना, किराए पर देना, स्टोर करना या प्रदर्शित करना प्रतिबंधित है।
बीआईएस अधिनियम, 2016 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसे जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती निगरानी
ई-कॉमर्स कंपनियों के माध्यम से नकली और निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। इस पर रोक लगाने के लिए बीआईएस सख्ती से बाजार पर नजर रख रहा है और गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहा है।
BIS के इस अभियान से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और प्रमाणित उत्पाद मिलने की उम्मीद है। वहीं, ई-कॉमर्स कंपनियों को भी सुनिश्चित करना होगा कि वे केवल प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की बिक्री करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।